1.October UPI transactions hit a record high, reaching ₹27.28 trillion in value, driven by strong festive season consumption and business activity.
2.India’s GST collections for October grew by 4.6%, totaling approximately ₹1.96 lakh crore.
3.Commercial LPG cylinder prices were reduced across major Indian cities, which is expected to benefit businesses in the hospitality and other sectors.
4.Mahindra & Mahindra reported strong October sales figures, with its auto division registering a 26% growth and its farm equipment business seeing a 12% rise in tractor sales.
5.NTPC pioneered India’s first CO2 injection borewell project, a breakthrough in green technology aimed at advancing indigenous carbon capture and storage.
6.Some banks were closed in certain states on November 1, 2025, due to regional holidays, as clarified by the Reserve Bank of India.
7.New financial rules took effect from November 1, impacting areas such as bank nominations, Aadhaar updates, and certain SBI card charges.
8.Market volatility increased over the week, with the Nifty 50 experiencing profit-taking, although the overall technical structure remained bullish.
9.Orient Cement reported a multi-fold jump in Q2 net profit to ₹49.08 crore, supported by tax reversals and increased volume.
10.JK Cement’s Q2 net profit increased by 17% to ₹159.25 crore on higher revenue.
11.The Phoenix Mills saw its Q2 consolidated net profit rise by 39% to ₹303.99 crore, driven by increased income.
12.Netweb Technologies’ Q2 net profit grew by 19.8% to ₹31.4 crore.
13.Godrej Consumer Products (GCPL) reported a 6.5% decline in Q2 profit, impacted by challenges in Indonesia and GST transition in India.
14.Bank of Baroda’s Q2 net profit fell by 8%, affected by slower core income growth.
15.Tata Chemicals reported a 60% drop in Q2 profit, citing market challenges despite improved standalone performance.
16.GHCL’s Q2 net profit dropped by 32%, hurt by lower sales and pricing pressures.
17.DSP Asset Managers defended its investment in the Lenskart IPO, following scrutiny over the eyewear startup’s valuation.
18.Shankar Sharma, from First Global, criticized the market frenzy around IPOs, arguing that “dumb money is chasing dumb IPOs”.
19.Coal India’s October production fell by 9.8% year-on-year, though it declared a dividend of ₹10.25 per share.
1. अक्टूबर में यूपीआई लेनदेन ने रचा नया इतिहास
अक्टूबर 2025 का महीना भारतीय डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम के लिए ऐतिहासिक रहा। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए किए गए लेनदेन का कुल मूल्य ₹27.28 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह उल्लेखनीय वृद्धि मुख्य रूप से त्योहारी सीजन में बढ़ती उपभोक्ता खरीदारी और जीवंत व्यावसायिक गतिविधियों का परिणाम है। दिवाली और अन्य त्योहारों के मौके पर ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान और डिजिटल लेनदेन में तेजी आई है। यह आंकड़ा न केवल डिजिटल इंडिया की सफलता को दर्शाता है बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का भी संकेत देता है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े रिटेलर्स तक, सभी ने UPI को अपनाया है, जिससे नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा मिला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा लगातार इस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के प्रयासों ने इस रिकॉर्ड में अहम भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में और भी अधिक इनोवेशन के साथ UPI लेनदेन के ये आंकड़े और ऊपर जा सकते हैं।
2. अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में 4.6% की वृद्धि
अक्टूबर महीने में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का संग्रह लगभग ₹1.96 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.6% अधिक है। यह वृद्धि देश में आर्थिक गतिविधियों के स्थिर बने रहने का संकेत देती है। जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि दर्शाती है कि व्यवसाय बेहतर ढंग से अनुपालन कर रहे हैं और उपभोक्ता खर्च बना हुआ है। यह स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। सरकार द्वारा जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से भी संग्रह में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर अगले कुछ महीनों में इस पर नजर रखने की आवश्यकता होगी। फिर भी, मौजूदा आंकड़े आर्थिक सुधार की दिशा में एक उत्साहजनक संकेत हैं।
3. वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के दामों में कमी
देश के प्रमुख शहरों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कमी की गई है। इस कदम का सीधा लाभ होटल, रेस्तरां और केटरिंग जैसे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के व्यवसायों को मिलेगा, जहां ईंधन की लागत एक प्रमुख खर्च है। इसके अलावा, अन्य उद्योग जो बड़े पैमाने पर खाना पकाने या हीटिंग के लिए एलपीजी का उपयोग करते हैं, उनकी परिचालन लागत भी कम होगी। यह कीमतों में कमी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में राहत और सरकार की स्थिर ценों को बनाए रखने की कोशिशों का नतीजा मानी जा रही है। इससे छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) को विशेष रूप से मदद मिलने की उम्मीद है, जो लागत दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इस कदम से महंगाई पर भी कुछ हद तक अंकुश लगने की संभावना है।
4. महिंद्रा एंड महिंद्रा के अक्टूबर माह की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने अक्टूबर माह में शानदार बिक्री के आंकड़े पेश किए। कंपनी के ऑटो डिवीजन ने 26% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जबकि उसके फार्म इक्विपमेंट बिजनेस में ट्रैक्टर की बिक्री में 12% का इजाफा हुआ। यह वृद्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और त्योहारी सीजन में vehicles की मजबूत मांग को दर्शाती है। कंपनी की SUVs और नए मॉडल्स ने बाजार में अच्छी पकड़ बनाई है। किसानों की बेहतर आय ने भी ट्रैक्टर सेगमेंट में मांग को बढ़ावा दिया है। महिंद्रा का प्रदर्शन भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है।
5. एनटीपीसी ने शुरू किया भारत का पहला CO2 इंजेक्शन बोरवेल प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) ने हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के पहले कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) इंजेक्शन बोरवेल प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। यह प्रोजेक्ट कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (CCS) तकनीक में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत पावर प्लांट्स से निकलने वाली CO2 को जमीन के अंदर स्टोर किया जाएगा, जिससे वातावरण में इसके उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। यह परियोजना जलवायु परिवर्तन से निपटने और भारत के ‘नेट जीरो’ लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक अहम भूमिका निभा सकती है। यह स्वदेशी तकनीकी विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
6. क्षेत्रीय छुट्टियों के कारण कुछ राज्यों में बैंक बंद
भारतीय रिजर्व बANK (RBI) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 1 नवंबर, 2025 को कुछ राज्यों में स्थानीय छुट्टियों के कारण बैंक बंद रहे। यह छुट्टियां आमतौर पर विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले स्थानीय त्योहारों या उत्सवों के कारण होती हैं। आरबीआई हर साल बैंकिंग छुट्टियों की एक सूची जारी करता है, ताकि जनता को पहले से जानकारी रहे। ऐसे दिनों में ऑनलाइन बैंकिंग और ATM सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहती हैं, लेकिन शाखाओं में नकद लेनदेन और अन्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने लेनदेन के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें या छुट्टियों की सूची पहले से देख लें।
7. 1 नवंबर से लागू हुए नए वित्तीय नियम
1 नवंबर, 2025 से देश में कई नए वित्तीय नियम लागू हो गए हैं, जिनका आम जनता और बैंक ग्राहकों पर सीधा असर पड़ेगा। इनमें बैंक खातों में नॉमिनेशन प्रक्रिया में बदलाव, आधार कार्ड को अपडेट करने की अंतिम तारीख, और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कार्ड से जुड़े शुल्क शामिल हैं। इन नियमों का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन को और सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाना है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित बैंकों या वित्तीय संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइटों पर इन बदलावों की जानकारी प्राप्त करें और समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर लें, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।
8. बाजार में बढ़ी अस्थिरता, लेकिन संरचना सकारात्मक
पिछले सप्ताह शेयर बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली। निफ्टी 50 इंडेक्स में लाभ वसूली (profit-booking) की प्रवृत्ति देखी गई, जिसके कारण यह कुछ हद तक नीचे आया। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की समग्र तकनीकी संरचना (technical structure) अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। दीर्घकालिक रुझानों को लेकर बाजार का रवैया बुलिश (तेजड़िया) बना हुआ है। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अच्छे फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश करें और बाजार के उतार-चढ़ाव में घबराएं नहीं।
9. ओरिएंट सीमेंट का Q2 शुद्ध लाभ में बहुगुणित वृद्धि
ओरिएंट सीमेंट ने सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q2) में अपना शुद्ध लाभ ₹49.08 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में कई गुना अधिक है। यह शानदार प्रदर्शन मुख्य रूप से टैक्स रिवर्सल और बिक्री की मात्रा (volume) में हुई वृद्धि के कारण संभव हुआ है। निर्माण गतिविधियों में तेजी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण सीमेंट की मांग में इजाफा हुआ है। कंपनी ने लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता में भी सुधार किया है, जिसने लाभप्रदता को बढ़ावा दिया है। यह परिणाम सीमेंट उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
10. जेके सीमेंट का Q2 शुद्ध लाभ 17% बढ़ा
जेके सीमेंट ने दूसरी तिमाही (Q2) में अपना शुद्ध लाभ 17% बढ़ाकर ₹159.25 करोड़ कर दिया। यह वृद्धि अधिक राजस्व (revenue) के कारण संभव हुई है। कंपनी ने उत्पादों की बिक्री और realizations में सुधार देखा है। शहरी और ग्रामीण इलाकों दोनों में हाउसिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ने सीमेंट की मांग को बनाए रखा है। जेके सीमेंट ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ब्रांड की पहुंच को मजबूत करने पर भी काम किया है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।
11. द फीनिक्स मिल्स का Q2 कंसोलिडेटेड लाभ 39% उछला
द फीनिक्स मिल्स लिमिटेड ने दूसरी तिमाही में अपना कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 39% की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ₹303.99 करोड़ कर दिया। कंपनी ने इस दौरान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। रिटेल और मनोरंजन के क्षेत्र में त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों की बढ़ी हुई संख्या और उच्च खर्च ने कंपनी के मॉल्स में किराए की आय और फुटफॉल को बढ़ावा दिया है। रियल एस्टेट सेगमेंट में मजबूती ने भी कंपनी के प्रदर्शन में योगदान दिया है।
12. नेटवेब टेक्नोलॉजीज का Q2 लाभ 19.8% बढ़ा
हाई-एंड कंप्यूटिंग सॉल्यूशंस प्रदाता कंपनी नेटवेब टेक्नोलॉजीज ने सितंबर तिमाही में अपना शुद्ध लाभ 19.8% बढ़ाकर ₹31.4 करोड़ कर दिया। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने कंपनी के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। कॉर्पोरेट और सरकारी दोनों क्षेत्रों में तकनीकी बुनियादी ढांचे में निवेश ने कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती प्रदान की है। कंपनी की रणनीति स्वदेशी तकनीकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने की रही है, जिसे बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
13. गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) का Q2 लाभ 6.5% घटा
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) ने दूसरी तिमाही में अपना लाभ 6.5% गिरते हुए दर्ज किया। कंपनी के प्रदर्शन पर इंडोनेशिया बाजार में मुश्किल हालात और भारत में जीएसटी ट्रांजिशन के असर का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इंडोनेशिया में आर्थिक चुनौतियों और प्रतिस्पर्धा के कारण वहां बिक्री प्रभावित हुई है। वहीं, भारत में जीएसटी से जुड़े कुछ बदलावों के कारण डिस्ट्रीब्यूशन चैनल्स में अस्थिरता रही, जिसने कंपनी की सेल्स को प्रभावित किया। हालांकि, कंपनी ने घरेलू बाजार में अपनी मार्जिन स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई है।
14. बैंक ऑफ बड़ौदा का Q2 लाभ 8% घटा
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने सितंबर तिमाही में अपना शुद्ध लाभ 8% की गिरावट के साथ दर्ज किया। यह गिरावट मुख्य रूप से कोर इनकम (ब्याज आय) में धीमी वृद्धि के कारण हुई है। हालांकि, बैंक ने ऋण की गुणवत्ता (asset quality) में सुधार जारी रखा है और गैर-निष्पादित आस्तियों (NPAs) में कमी आई है। ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और जमा (deposits) पर बढ़ती लागत ने बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) पर दबाव डाला है। बैंक भविष्य में विकास के लिए रिटेल और MSME लोन पर फोकस कर रहा है।
15. टाटा केमिकल्स का Q2 लाभ 60% गिरा
टाटा केमिकल्स ने दूसरी तिमाही में अपना शुद्ध लाभ 60% की भारी गिरावट के साथ दर्ज किया। कंपनी ने इस गिरावट का कारण बाजार में मौजूद चुनौतियों को बताया है, भले ही उसका स्टैंडअलोन प्रदर्शन (मतलब घरेलू ऑपरेशन) बेहतर रहा है। वैश्विक सोडा ऐश बाजार में मंदी और कीमतों में गिरावट ने कंपनी की अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। इसके अलावा, इनपुट लागत (raw material cost) में वृद्धि ने भी मार्जिन पर दबाव डाला है।
16. GHCL का Q2 शुद्ध लाभ 32% घटा
GHCL लिमिटेड, जो रसायन और सूती धागे का निर्माण करती है, ने दूसरी तिमाही में अपना शुद्ध लाभ 32% गिरते हुए दर्ज किया। यह गिरावट मुख्य रूप से कम बिक्री और कीमतों पर पड़ रहे दबाव (pricing pressure) के कारण हुई है। वैश्विक बाजार में सोडा ऐश की कीमतों में नरमी और घरेलू बाजार में मांग की स्थिति कमजोर रही है। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण भी कंपनी को अपने उत्पादों की कीमतें कम रखनी पड़ीं, जिससे राजस्व और लाभप्रदता प्रभावित हुई।
17. डीएसपी एसेट मैनेजर्स ने लेंसकार्ट आईपीओ में निवेश का बचाव किया
डीएसपी एसेट मैनेजर्स ने आईपीओ के दौरान आईवियर स्टार्टअप लेंसकार्ट में किए गए अपने निवेश का बचाव किया है। इस निवेश पर स्टार्टअप के मूल्यांकन (valuation) को लेकर सवाल उठाए गए थे। डीएसपी ने कहा कि उसने लेंसकार्ट के व्यवसाय मॉडल, विकास की संभावनाओं और भारतीय आईवियर बाजार में उसके मजबूत पकड़ का गहन विश्लेषण करने के बाद ही निवेश का फैसला लिया था। उनका मानना है कि लेंसकार्ट डिजिटल और फिजिकल रिटेल का एक मजबूत संयोजन पेश करता है और लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकता है। यह मामला आईपीओ बाजार में valuation को लेकर चल रही बहस को उजागर करता है।
18. शंकर शर्मा ने आईपीओ बाजार के ‘उन्माद’ की आलोचना की
फर्स्ट ग्लोबल के शंकर शर्मा ने हालिया आईपीओ बाजार में देखे जा रहे “उन्माद” (frenzy) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “बेवकूफ पैसा बेवकूफ आईपीओ के पीछे भाग रहा है” (“dumb money is chasing dumb IPOs”)। उनका आरोप है कि बहुत से नए निवेशक बिना किसी मौलिक विश्लेषण (fundamental analysis) के, सिर्फ खबरों और हाइप के आधार पर आईपीओ में निवेश कर रहे हैं। इससे कई कंपनियों का मूल्यांकन उनके वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक हो रहा है, जिससे भविष्य में निवेशकों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे सतर्कता बरतें और केवल उन्हीं कंपनियों में निवेश करें जिनके व्यवसाय मॉडल और वित्तीय स्थिति मजबूत हों।
19. कोल इंडिया का अक्टूबर उत्पादन 9.8% घटा, लेकिन घोषित किया लाभांश
कोल इंडिया लिमिटेड ने अक्टूबर महीने में अपने कोयला उत्पादन में साल-दर-साल 9.8% की गिरावट दर्ज की। यह गिरावट मुख्य रूप से भारी बारिश के कारण खनन कार्यों में रुकावट के कारण हुई है। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने अपने शेयरधारकों को लाभांश (dividend) देने का ऐलान किया है, जो ₹10.25 प्रति शेयर है। इससे पता चलता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है और वह शेयरधारकों को मूल्य返す के प्रति committed है। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में कोयला उत्पादन फिर से पटरी पर आ जाएगा।
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